नवरात्रि में मिलावट का खेल बेनकाब: 30 हजार से ज्यादा पानी पाउच जब्त

जांच के लिए पहुंचे अफसर।

मंदिर से बाजार तक सख्ती: खराब चाट मौके पर कराई नष्ट
सीपत वाटर प्लांट में गड़बड़ी, खाद्य विभाग का छापा
भ्रामक लेबलिंग पर बड़ी कार्रवाई, हजारों बोतल-पाउच सीज, जांच में खुली पोल
प्लांट से भारी मात्रा में स्टॉक जब्त, सैंपल लैब भेजे
सेवई-साबूदाना से लेकर पानी तक की जांच, फर्मों को चेतावनी

रतनपुर मां महामाया मंदिर परिसर स्थित दुकान में जांच करते अधिकारी।

यश विश्वकर्मा @ बिलासपुर। नवरात्रि और बढ़ती गर्मी को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग ने जिले में सख्ती बढ़ा दी है। कलेक्टर संजय अग्रवाल और नियंत्रक खाद्य सुरक्षा के निर्देश पर चलाए जा रहे सघन जांच अभियान में सीपत स्थित एक वाटर प्लांट पर बड़ी कार्रवाई की गई। यहां से हजारों की संख्या में पानी की बोतलें और पाउच जब्त किए गए।
अभिहित अधिकारी आर.आर. देवांगन के मार्गदर्शन में वरिष्ठ खाद्य सुरक्षा अधिकारी खीर सागर पटेल, खाद्य सुरक्षा अधिकारी अविषा मरावी और प्रतीक तिवारी की टीम ने अलग-अलग स्थानों पर निरीक्षण किया। जांच के दौरान गंगोत्री मिनरल एंड वाटर प्लांट, सीपत से पानी की बोतलों के नमूने लिए गए। यहां मिथ्याछाप (भ्रामक लेबलिंग) पाए जाने पर 1 लीटर की 210 पेटी (प्रत्येक में 12 नग), 250 एमएल की 3030 बोतलें और 29,100 पानी पाउच को सीज कर दिया गया।
टीम ने इसके अलावा दो अन्य फर्मों को भी खामियां सुधारने के लिए नोटिस जारी किया है। जांच के दौरान सेवई, साबूदाना, अरहर दाल और चना दाल के नमूने भी लेकर लैब परीक्षण के लिए भेजे गए।
इसी क्रम में रतनपुर स्थित मां महामाया मंदिर में भी विशेष जांच अभियान चलाया गया। यहां श्रद्धालुओं को दिए जा रहे प्रसाद की गुणवत्ता जांचने के लिए प्रसाद कक्ष का निरीक्षण किया गया और भोग प्रमाणन के लिए नमूने लिए गए। मंदिर के बाहर लगे ठेले और गुमटियों की जांच में अखाद्य रंग से बनी चाट पाई गई, जिसे मौके पर ही नष्ट कराया गया। साथ ही संचालकों को खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश दिए गए।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने साफ किया है कि यह अभियान लगातार जारी रहेगा, ताकि आम लोगों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री मिल सके।