खून के रिश्तों का खौफनाक सच: भाई ने ही लिखी मौत की स्क्रिप्ट… करोड़ों की जमीन के लिए रची साजिश, सुपारी किलर्स से कराई हत्या

पत्रकारों से चर्चा करते मुंगेली एसएसपी, एडिशनल एसपी व थाना प्रभारी।

त्रिनयन ऐप से ट्रैक हुई कार, CCTV फुटेज ने खोला पूरा खेल
जंगल में दफनाया शव, पहचान छिपाने मोबाइल गंगा में फेंका
10 लाख की सुपारी, 4 करोड़ की लालच,
फर्जी दस्तावेज बनाकर संपत्ति हड़पने की थी तैयारी, 11 आरोपी गिरफ्तार
किराए की कार बनी सुराग, पुलिस ने 8 दिन में सुलझाया ब्लाइंड मर्डर केस
बेटे से दुश्मनी का फायदा उठाकर रिटायर्ड लेखापाल की सुपारी देकर हत्या, CCTV और हाईटेक ट्रैकिंग से पुलिस ने 8 दिन में सुलझाया केस

आरोपियों से बरामद घटना में प्रयुक्त वाहन।

यश विश्वकर्मा @ मुंगेली। जिले में रिटायर्ड लेखापाल दामोदर राजपूत की सनसनीखेज हत्या का खुलासा करते हुए मुंगेली पुलिस ने 11 आरोपियों सहित 4 नाबालिगों को गिरफ्तार किया है। इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि हत्या की साजिश मृतक के अपने ही भाई और रिश्तेदारों ने रची थी। करोड़ों की संपत्ति हड़पने के लिए पहले बाप-बेटे के रिश्तों में जहर घोला गया और फिर सुपारी देकर हत्या करवा दी गई। पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज रामगोपाल गर्ग के निर्देशन और एसएसपी भोजराम पटेल के मार्गदर्शन में पुलिस टीम ने “त्रिनयन ऐप” और CCTV फुटेज के जरिए महज 8 दिनों में इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझा ली।

ऐसे शुरू हुई जांच, CCTV से मिला पहला सुराग
22 मार्च को मृतक के भाई बलबीर सिंह ने दामोदर के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई। उनकी मोटरसाइकिल मनोहरपुर के पास सुनसान इलाके में मिली। जांच के दौरान पुलिस ने जिले के एंट्री-एग्जिट पॉइंट और आसपास के CCTV कैमरे खंगाले। फुटेज में एक संदिग्ध ग्रे रंग की ईओन कार मृतक का पीछा करती नजर आई। “त्रिनयन ऐप” के जरिए रूट चार्ट तैयार कर कार नंबर CG 10 AC 8986 की पहचान की गई, जिससे पूरी साजिश का खुलासा शुरू हुआ।

सुनसान रास्ते पर गला घोंटकर हत्या
पूछताछ में मुख्य आरोपी संजय यादव ने बताया कि मृतक के भाई रणजीत राजपूत, रामपाल और पालेश्वर ने 10 लाख रुपए और जमीन के लालच में हत्या की सुपारी दी थी। 21 मार्च को योजना के तहत दामोदर को झाफल बुलाया गया और मनोहरपुर के पास सुनसान रास्ते में गमछे से गला घोंटकर हत्या कर दी गई।

शव को दफनाया, फोन प्रयागराज में फेंका
हत्या के बाद शव को कार में ले जाकर कवर्धा जिले के देवसरा गांव के जंगल में गड्ढा खोदकर रेत में दफना दिया गया।
साजिश को छिपाने के लिए मृतक का मोबाइल प्रयागराज ले जाकर गंगा नदी में फेंक दिया गया, ताकि लगे कि वह साधु बन गया है।

संपत्ति के लिए रचा गया पूरा षड्यंत्र
जांच में सामने आया कि मृतक के पास करीब 4 करोड़ की जमीन और 30 तोला सोना था। आरोपियों ने फर्जी नोटरी वचनपत्र बनाकर संपत्ति अपने नाम करने की तैयारी कर ली थी। बाप-बेटे के बीच पहले से चल रहे विवाद का फायदा उठाकर पूरे षड्यंत्र को अंजाम दिया गया।

96 हजार रुपए की सुपारी, 4 वाहन जब्त
पुलिस ने आरोपियों के पास से सुपारी की रकम 96 हजार रुपए, 1 हुण्डई ईओन कार, 1 टाटा स्पेशियो गोल्ड, 1 मोटरसाइकिल, 1 स्कूटी जप्त की है।

11 आरोपी गिरफ्तार, 4 नाबालिग भेजे गए बाल गृह
पुलिस ने मामले में 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि 4 नाबालिगों को बाल संप्रेषण गृह भेजा गया है।
सभी आरोपियों ने पूछताछ में अपराध स्वीकार कर लिया है।

ये आरोपी हुए गिरफ्तार
1. रणजीत सिंह राजपूत पिता बारेलाल उम्र 55 वर्ष निवासी झाफल, थाना लोरमी (मृतक का भाई)
2. पालेश्वर राजपूत पिता स्व.रामधुन उम्र 50 वर्ष निवासी झाफल, थाना लोरमी (मृतक के भाई रणजीत का साला)
3. रामपाल सिंह राजपूत पिता आजुसिंह उम्र 53 वर्ष निवासी लोरमी, थाना लोरमी (मृतक का चचेरा भाई)
4. पराग सिंह राजपूत पिता बलवीर सिंह उम्र 49 वर्ष निवासी झाफल, थाना लोरमी (मृतक के भाई बलबीर का पुत्र)
5. हेमंत राजपूत पिता रणजीत उम्र 26 वर्ष निवासी झाफल, थाना लोरमी (मृतक के भाई रणजीत का पुत्र)
6. अजय राजपूत पिता भुनेश्वर सिंह उम्र 26 वर्ष निवासी सारधा (मृतक का भांजा)
7. संजय यादव पिता लल्लुराम उम्र 37 वर्ष निवासी झाफल थाना लोरमी
8. श्रवण उर्फ प्रिंस गोई पिता श्याम उम्र 18 वर्ष निवासी जवाहर वार्ड मुंगेली
9. योगेश गंधर्व उर्फ योगेश्वर पिता राधेश्याम उम्र 18 वर्ष 10 माह निवासी कालीमाईवार्ड मुंगेली
10. देवराज साहू उर्फ दद्दु उर्फ देवकुमार पिता रामसहाय उम्र 23 वर्ष निवासी झझपुरीकला लोरमी
11. आशीष कारीकांत उर्फ धर्मेन्द्र उर्फ बाबु पिता धन्नू उम्र 20 वर्ष निवासी बस स्टैण्ड लोरमी
एवं 4 विधि से संघर्षरत बालक

पुलिस टीम की अहम भूमिका
इस कार्रवाई में साइबर सेल, थाना लालपुर, लोरमी और जरहागांव पुलिस की संयुक्त टीम  मे निरी.प्रसाद सिन्हा प्रभारी सायबर सेल, थाना प्रभारी लोरमी निरी.अखिलेश वैष्णव, थाना प्रभारी लालपुर उपनिरी. सुन्दरलाल गोरले, थाना प्रभारी जरहागांव उपनिरी. सतेन्द्रपुरी गोस्वामी, सउनि दिलीप प्रभाकर, प्र.आर. नोखेलाल कुर्रे, नरेश यादव,, यशवंत डाहिरे, रवि जांगड़े, राजकुमार जांगड़े आर. भेषज पाण्डेकर,हेमसिंह गिरीराज सिंह, राहुल यादव, रवि मिन्ज, परमेश्वर जांगड़े, राकेश बंजारे, जितेन्द्र ठाकुर, रमाकांत डाहिरे,रामकिशोर कश्यप, तोरन सोनवानी, विजय बंजारे, रवि डाहिरे, देवेन्द्र नागरची, राहुलकांत कश्यप, जितेन्द्र सिंह, उमेश सोनवानी की अहम भूमिका रही। हाईटेक तकनीक और सतर्क जांच से पुलिस ने इस जघन्य हत्या का पर्दाफाश किया।