

शिव महापुराण कथा ज्ञान यज्ञ सप्ताह का शुभारंभ, महिलाओं ने सिर पर कलश रख किया नगर भ्रमण
चैत्र शुक्ल नवमी पर निकली भव्य कलश यात्रा, 2 अप्रैल तक चलेंगे पावन प्रसंग
कलश यात्रा में दिखी भक्ति और उत्साह की झलक
शिव महापुराण कथा में रोज अलग-अलग धार्मिक प्रसंगों से जुड़ रहे श्रद्धालु
भक्ति, श्रद्धा और उत्साह का संगम: मोहरा में भव्य आयोजन
कलश यात्रा से हुआ शुभारंभ, समापन पर होगा हवन, कन्या भोज और विशाल भंडारा

रोहन कैवर्त @ बिलासपुर। जिले के ग्राम मोहरा (पोस्ट-सेलर, सीपत) में चैत्र शुक्ल नवमी, शुक्रवार 27 मार्च को भव्य कलश यात्रा के साथ श्री शिव महापुराण कथा ज्ञान यज्ञ सप्ताह का शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर पूरे गांव में भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। सैकड़ों की संख्या में महिलाएं सिर पर कलश धारण कर पारंपरिक वेशभूषा में मंगल गीत गाते हुए यात्रा में शामिल हुईं, वहीं पुरुष एवं युवा ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष के साथ वातावरण को शिवमय बनाते नजर आए।
कलश यात्रा गांव के प्रमुख मार्गों से होकर निकली, जहां जगह-जगह श्रद्धालुओं द्वारा पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। आयोजन की भव्यता और अनुशासन ने सभी का मन मोह लिया। मुख्य यजमान संतोष कुमार साहू एवं गायत्री साहू के नेतृत्व में इस धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें साहू परिवार सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों की सक्रिय सहभागिता रही।
कलश यात्रा के पश्चात शिव महापुराण कथा का विधिवत शुभारंभ किया गया। कथा व्यास ब्रजनंदन महाराज (जबलपुर, मध्यप्रदेश) द्वारा भगवान शिव की महिमा का सरल और भावपूर्ण वर्णन किया जा रहा है। कथा के माध्यम से श्रद्धालुओं को धर्म, भक्ति और सदाचार का संदेश दिया जा रहा है, जिससे लोग आध्यात्मिक रूप से जुड़कर जीवन में सकारात्मकता का अनुभव कर रहे हैं।
प्रतिदिन अलग-अलग पावन प्रसंगों का आयोजन
इस सप्ताह भर चलने वाले आयोजन में प्रतिदिन विशेष धार्मिक प्रसंगों का वर्णन किया जाएगा। 28 मार्च, शनिवार को सदाक्ष एवं भस्म महिमा, 29 मार्च, रविवार को गुणनिधि के पूर्व जन्म और कुबेर पद की प्राप्ति, 30 मार्च, सोमवार को शिव-पार्वती विवाह महोत्सव, 31 मार्च, मंगलवार को गणेश प्रकट एवं नंदी महिमा तथा 1 अप्रैल, बुधवार को द्वादश ज्योतिर्लिंग महिमा का विस्तार से वर्णन किया जाएगा।
समापन दिवस 2 अप्रैल, गुरुवार को सहस्त्रधारा, हवन, कन्या भोज, ब्राह्मण भोजन एवं विशाल सामाजिक भोज का आयोजन होगा, जिसमें क्षेत्र के हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
सुबह पूजन, दोपहर कथा का क्रम
आयोजन के दौरान प्रतिदिन सुबह 8 से 10 बजे तक वेदी पूजन एवं अभिषेक किया जा रहा है। इसके पश्चात दोपहर 3 बजे से कथा प्रारंभ होती है, जो प्रभु इच्छा तक निरंतर चलती रहती है।
इस धार्मिक आयोजन ने गांव में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार किया है। साथ ही यह कार्यक्रम समाज में एकता, भाईचारे और धार्मिक मूल्यों को सुदृढ़ करने का संदेश भी दे रहा है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु प्रतिदिन कथा श्रवण कर पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं, जिससे पूरा क्षेत्र भक्तिरस में सराबोर नजर आ रहा है।