नेहरू चौक से निकली रैली पर भाजपा का पलटवार : नाम की राजनीति का आरोप, मनरेगा पर तथ्य रखें, भ्रम न फैलाएं: प्रदेश प्रवक्ता बी. पी. सिंह

भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश प्रवक्ता बी. पी. सिंह।

यश विश्वकर्मा @ बिलासपुर। महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के नाम बदलने के मुद्दे पर नेहरू चौक से कलेक्ट्रेट तक निकाली गई कांग्रेस की रैली पर भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश प्रवक्ता बी. पी. सिंह ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस विकास, पारदर्शिता और योजनाओं के वास्तविक प्रावधानों पर चर्चा करने के बजाय केवल नाम की राजनीति कर रही है।
बी. पी. सिंह ने सवाल उठाते हुए कहा कि अगर कांग्रेस को सच में मनरेगा की चिंता है, तो उसे इसके मूल प्रावधान, भुगतान व्यवस्था, स्थायी परिसंपत्ति निर्माण और नई व्यवस्था से तुलनात्मक लाभ पर स्पष्ट तथ्य रखने चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस जनता के बीच भ्रम फैलाने का प्रयास कर रही है, जबकि वास्तविक मुद्दों पर चर्चा से बच रही है।

‘राम’ नाम से आपत्ति का आरोप
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि कांग्रेस की असली आपत्ति रोजगार से नहीं, बल्कि नई व्यवस्था में ‘राम’ नाम जुड़ने से है। यह कांग्रेस की सोच और प्राथमिकताओं को दर्शाता है। उन्होंने दावा किया कि पूर्व में मनरेगा के तहत फर्जी मस्टर रोल, भ्रष्टाचार और भुगतान में देरी जैसी शिकायतें सामने आती रही हैं।

नई व्यवस्था में डिजिटल मॉनिटरिंग पर जोर
बी. पी. सिंह के अनुसार “विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण” में डिजिटल मॉनिटरिंग, समयबद्ध भुगतान और स्थायी संपत्ति निर्माण पर विशेष ध्यान दिया गया है। जल संरक्षण, ग्रामीण सड़क, तालाब निर्माण और कृषि आधारित ढांचे से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने का दावा किया गया। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल सीमित दिनों का रोजगार नहीं, बल्कि ग्रामीण परिवारों के लिए स्थायी आय और सम्मानजनक आजीविका सुनिश्चित करना है। कांग्रेस को विरोध से पहले तथ्यात्मक तुलना करनी चाहिए, न कि भावनात्मक राजनीति पर जोर देना चाहिए।