कोरोना के बाद फिर लौटेगा… 35 साल पुराना दुर्गोत्सव… 35 फीट के पंडाल में सफेद शेर पर विराजेंगी मां अम्बे…

14 अक्टूबर को धुमाल और फायर शो के साथ होगा माता रानी का भव्य आगमन, 4 लाख रुपए में सजेगा दरबार
मित्रता दुर्गा उत्सव समिति 2026 को प्रथम वर्ष मानकर करेगी शुरुआत, चार दिन तक भोग-भंडारे की रहेगी व्यवस्था
सफेद शेर पर मां दुर्गा, रंगीन रोशनी से जगमगाएगा पंडाल
देवरीखुर्द के हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी ग्राउंड में होगी भव्य सजावट, जसगीत-भजन और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होंगे
धुमाल, फायर शो और लाइटिंग… माता के आगमन पर दिखेगा भव्य नजारा
सतबहिनिया मंदिर मोड़ से निकलेगी शोभायात्रा, दुर्गा मंदिर होते हुए हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी पहुंचेगी
न अध्यक्ष, न सचिव… सभी कार्यकर्ता मिलकर सजाएंगे मां का दरबार
मित्रता दुर्गा उत्सव समिति की अनूठी पहल, महिलाओं के लिए गरबा और बच्चों के लिए होंगे विशेष आयोजन
देवरीखुर्द के हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी ग्राउंड में सजेगा पंडाल, 4 लाख रुपए के बजट से होंगे आयोजन; चार दिन भंडारा, महिलाओं के लिए गरबा और बच्चों के लिए सांस्कृतिक कार्यक्रम

मुख्य आकर्षण का केन्द्र रहेगा पंडाल।

पार्थ विश्वकर्मा @ बिलासपुर। शारदीय नवरात्र को लेकर शहर में दुर्गोत्सव की तैयारियां तेज हो गई हैं। देवरीखुर्द के हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी ग्राउंड में मित्रता दुर्गा उत्सव समिति इस बार 35 फीट लंबे भव्य पंडाल में मां दुर्गा की स्थापना करेगी। माता रानी सफेद शेर पर विराजमान होंगी। पंडाल को आकर्षक विद्युत सज्जा से सजाया जाएगा। 14 अक्टूबर को सतबहिनिया मंदिर मोड़ से भव्य आगमन शोभायात्रा निकलेगी, जो दुर्गा मंदिर देवरीखुर्द होते हुए पंडाल पहुंचेगी। आयोजन में धुमाल, फायर प्रस्तुति, जसगीत-भजन और सांस्कृतिक कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र रहेंगे। समिति ने पूरे आयोजन के लिए करीब 4 लाख रुपए का बजट रखा है।

सफेद शेर पर विराजेंगी मां दुर्गा, लाइटिंग से सजेगा पंडाल
मित्रता दुर्गा उत्सव समिति की ओर से इस बार पंडाल को भव्य स्वरूप दिया जा रहा है। करीब 35 फीट लंबे पंडाल में मां दुर्गा की प्रतिमा सफेद शेर पर विराजमान होगी। आकर्षक सजावट और रंग-बिरंगी विद्युत रोशनी से परिसर को सजाने की तैयारी है। समिति का प्रयास है कि श्रद्धालुओं को दर्शन के साथ धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण का अनुभव मिले। पंडाल, प्रतिमा, सजावट और लाइटिंग सहित अन्य व्यवस्थाओं पर करीब 4 लाख रुपए खर्च किए जाएंगे।

14 अक्टूबर को निकलेगी शोभायात्रा, धुमाल और फायर शो होगा आकर्षण
माता रानी का आगमन 14 अक्टूबर को भव्य शोभायात्रा के साथ होगा। शोभायात्रा सतबहिनिया मंदिर मोड़ से शुरू होकर दुर्गा मंदिर, देवरीखुर्द होते हुए हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी स्थित पंडाल पहुंचेगी। इस दौरान न्यायधानी धुमाल पार्टी बिलासपुर की प्रस्तुति होगी। वहीं, श्याम इवेंट फायर स्पॉट की फायर प्रस्तुति लोगों के आकर्षण का केंद्र रहेगी। वी.एस. लाइट बिलासपुर की ओर से शोभायात्रा और पंडाल में आकर्षक लाइटिंग की व्यवस्था की जाएगी। माता के आगमन पर करीब 1 से 1.5 लाख रुपए खर्च होने का अनुमान है।

जसगीत-भजन के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम, महिलाओं के लिए गरबा
नवरात्र के दौरान पंडाल में प्रतिदिन धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। जसगीत, भजन और अन्य प्रस्तुतियों के माध्यम से स्थानीय कलाकारों को मंच दिया जाएगा। महिलाओं के लिए एक दिन विशेष गरबा आयोजन रखा जाएगा। वहीं, बच्चों के लिए मनोरंजक और सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। समिति का उद्देश्य पूजा-अर्चना के साथ उत्सव को सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों का केंद्र बनाना है, ताकि सभी आयु वर्ग के लोग इसमें भागीदारी कर सकें।

चार दिन तक भोग-भंडारा, 35 साल पुरानी परंपरा फिर होगी शुरू
समिति के सदस्य रवि कूर्मी के मुताबिक, श्रद्धालुओं के लिए चार दिन तक अलग-अलग भोग और भंडारे का आयोजन किया जाएगा। समिति पिछले करीब 35 वर्षों से दुर्गोत्सव आयोजित करती रही है, लेकिन कोरोना काल के दौरान वर्ष 2020 से आयोजन बंद हो गया था। अब वर्ष 2026 में इसे फिर से प्रथम वर्ष मानकर शुरू किया जा रहा है। समिति की विशेषता यह है कि इसमें कोई अध्यक्ष या सचिव नहीं है। सभी सदस्य कार्यकर्ता के रूप में मिलकर आयोजन की जिम्मेदारी निभाते हैं।

आयोजन की खास बातें
स्थान: हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी ग्राउंड, देवरीखुर्द
माता का आगमन: 14 अक्टूबर
पंडाल: करीब 35 फीट लंबा
कुल बजट: लगभग 4 लाख रुपए
आगमन शोभायात्रा का खर्च: करीब 1 से 1.5 लाख रुपए
भंडारा: चार दिन तक
मुख्य आकर्षण: सफेद शेर पर मां दुर्गा, आकर्षक लाइटिंग, धुमाल, फायर प्रस्तुति, जसगीत-भजन और गरबा

सभी कार्यकर्ता मिलकर संभाल रहे जिम्मेदारी
“कोरोना काल के दौरान वर्ष 2020 से आयोजन बंद हो गया था। इस वर्ष 2026 में इसे फिर से प्रथम वर्ष मानकर शुरू किया जा रहा है। करीब 4 लाख रुपए के बजट से पंडाल, विद्युत सज्जा और धार्मिक-सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। श्रद्धालुओं के लिए चार दिन तक भोग-भंडारे की व्यवस्था भी रहेगी। हमारा प्रयास है कि माता के दर्शन के लिए आने वाले भक्तों को धार्मिक महत्ता के साथ बेहतर आध्यात्मिक अनुभव मिले।”
अनिल सिंह ठाकुर, सदस्य, मित्रता दुर्गा उत्सव समिति