नवरात्र में गूंजेगा माता रानी का जयकारा… मित्रता दुर्गा समिति 14 अक्टूबर को निकालेगी भव्य आगमन

प्रथम वर्ष में आयोजन को खास बनाने की तैयारी, न्यायधानी धुमाल पार्टी और आकर्षक लाइटिंग की रहेगी प्रस्तुति
नवरात्र में माता रानी के आगमन की तैयारी तेज, 14 अक्टूबर को निकलेगी भव्य शोभायात्रा

पार्थ विश्वकर्मा @ बिलासपुर। शारदीय नवरात्र को लेकर शहर में तैयारियां जोर पकड़ने लगी हैं। दुर्गा उत्सव समितियों द्वारा माता रानी की प्रतिमा के आगमन की तैयारियां भी शुरू कर दी गई हैं। इसी क्रम में मित्रता दुर्गा उत्सव समिति की ओर से प्रथम वर्ष माता रानी का भव्य आगमन 14 अक्टूबर को किया जाएगा। आगमन शोभायात्रा सतबहिनिया मंदिर मोड़ से शुरू होकर दुर्गा मंदिर, देवरीखुर्द होते हुए हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी स्थित माता रानी के पंडाल तक पहुंचेगी। आयोजन को आकर्षक बनाने के लिए विभिन्न प्रस्तुतियां और विशेष व्यवस्थाएं की जा रही हैं।


सतबहिनिया मंदिर मोड़ से शुरू होगा आगमन
समिति के अनुसार 14 अक्टूबर को माता रानी की प्रतिमा के आगमन के लिए भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। इसकी शुरुआत सतबहिनिया मंदिर मोड़ से होगी। शोभायात्रा निर्धारित मार्ग से होते हुए देवरीखुर्द के हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी स्थित पूजा पंडाल पहुंचेगी।

धुमाल पार्टी और फायर स्पॉट रहेगा आकर्षण
माता रानी के आगमन को यादगार बनाने के लिए आयोजन में न्यायधानी धुमाल पार्टी बिलासपुर की विशेष प्रस्तुति होगी। इसके साथ ही श्याम इवेंट फायर स्पॉट के जरिए आकर्षक फायर प्रस्तुति भी लोगों के बीच आकर्षण का केंद्र रहेगी।

वीएस लाइट से सजेगा आयोजन
भव्य आगमन के दौरान आकर्षक लाइटिंग की भी व्यवस्था की गई है। वी.एस. लाइट बिलासपुर की लाइटिंग से शोभायात्रा और पंडाल को सजाया जाएगा। समिति द्वारा आयोजन को भव्य रूप देने के लिए तैयारियां की जा रही हैं।

प्रथम वर्ष में भव्य आयोजन की तैयारी
मित्रता दुर्गा उत्सव समिति द्वारा इस वर्ष पहली बार दुर्गा उत्सव का आयोजन किया जा रहा है। समिति के सदस्यों का कहना है कि प्रथम वर्ष में ही माता रानी के आगमन को विशेष बनाने के लिए विभिन्न तैयारियां की जा रही हैं। आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है।

“मित्रता दुर्गा उत्सव समिति के प्रथम वर्ष माता रानी का भव्य आगमन 14 अक्टूबर को किया जा रहा है। श्रद्धालुओं के लिए आगमन शोभायात्रा में विशेष प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहेंगी।”
रवि कूर्मि, पदाधिकारी, मित्रता दुर्गा उत्सव समिति